खेल

बास्केटबॉल के नियम एवं उससे जुडी हुई जानकारी

बास्केटबॉल के नियम : नमस्कार साथियों आज हम बात करने वाले हैं बास्केटबॉल के नियम के बारे मैं बास्केटबॉल की शुरुवात १८९१ मैं हुई थी । यह एक ऐसा खेल हैं जिसमे दोनों और पाँच – पाँच खिलाडियों के दल के द्वारा खेला जाता हैं । प्रत्येक दल का यह उधेश्य होता है कि विपक्षी की बास्केट में गेंद तथा विपक्षी के हाथ में न तो गेंद आने दे और न अंक – प्रदान होने दे ।

बास्केटबॉल

बास्केटबॉल

बास्केटबॉल का मैदान और बास्केटबॉल गेंद के सम्बन्धित जानकारी

खेल का मैदान आयताकार और ठोस धरातल वाला होगा जिसमे किसी भी प्रकार की बाधा नहीं होंगी ।

ओलोम्पिक और विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओ के लिए इसका आयाम सीमा-रेखाओ के भीतरी किनारे से 28 मीटर लम्बा और 15 मीटर चौड़ा होगा ।

खेल -धरातल पर्याप्त मात्रा मैं एक सा प्रकाश-मान चाहिए । लाइट उन जगहों पर लगाई जाये जहा से खेलते समय खिलाडियों की आँखों मैं किसी प्रकार की रुकावट न हो ।

सीमा रेखाए –  खेल-क्षेत्र की परिधी स्पष्ट रेखाओ से संकेकित की जाएगी जो किसी बाधा से प्रत्येक बिंदु पर कम से कम 2 मीटर दूर रहे ताकि खेलते समय खिलाडी को किसी तरह की बाधा ( रुकावट ) न आये ।

केंद्र वृत्त – इसका अर्धव्यास 1.80 मीटर होगा तथा क्षेत्र के मध्य में अंकित किया जायेगा और अर्धव्यास वृत्त के बाहरी किनारे से मापा जायेगा ।

केन्द्रीय रेखा – यह ररेखा पार्श्र्व-रेखाओ के केंद्र बिंदु से रेखाओ के समांतर खिची जाती हैं और दोनों रेखाओ से दुरी 15 सेंटीमीटर तक बढाई जाएगी ।

तीन बिंदु गोल क्षेत्र – खेल क्षेत्र का वह स्थान जो रेखाओ की सीमाओ के अन्तर्गत दो वृतो को चिन्हित होता हैं ।

नियंत्रित क्षेत्र – इस क्षेत्र के वे स्थल होंगे जिनकी परिधी अन्त-रेखाओ तथा मुक्त क्षेपण रेखाओ से निकलने वाली रेखाओ द्वारा निर्धारित होगी । इन रेखाओ का बाहरी किनारा अन्त-रेखाओ के केंद्र बिंदु से 3 मीटर होगा और मुक्त क्षेपण रेखाओ से बाहरी छोरो पर आकर समाप्त हो जायेगा ।

बास्केटबॉल का मैदान

बास्केटबॉल का मैदान

साथियों बास्केटबॉल मैदान कुछ इस तरह से बना हुआ होता हैं और इसके साथ मैं आपको बास्केटबॉल खेलने मे उपयोग होने वाली गेंद और बास्केट बारे मैं भी जानकारी दे देता हु ।

बास्केट बॉल गेंद –  गेंद गोलाकार होगी, चमड़े की गेंद के अंदर ब्लेडर रबर या किसी अन्य पदार्थ से बना हुआ होगा इसका वृत्त 75 सेंटीमीटर से कम तथा 78 सेंटीमीटर से अधिक न हो । इसका भर 600 कम तथा 650 ग्राम से अधिक नही होगा । इसमें हवा का दबाव इतना होगा की अगर निचले सिरे की स्थ से लगभग 1.80 मीटर ऊंचाई से लकड़ी के फर्श पर फेंकी जाये तो वह गेंद ऊपरी सिरे से लेकर 1.20 मीटर से कम तथा 1.40 मीटर से अधिक ऊँची n जाये ।

बास्केट – नारंगी रंग वाली अंदर से ४५ सेंटीमीटर व्यास की लोहे के घेरो से सफेद डोरी की बनी हो । घेरे की धातु मिलीमीटर मोटी होगी । उसमे निचे की और छोटे – छोटे छल्ले अथवा जाल लटकाने के लिए कुछ अन्य उपाय हो ।

 

बास्केटबॉल के नियम

दोस्तों बास्केटबॉल खेल के बोहोत सारे नियम कायदे हैं परतु आज मैं आपको कुछ बास्केटबॉल के नियम हैं उसके बारे मैं जानकारी दुगा जिसे हर खिलाडी को जानना चाइये ।

खिलाडी – प्रत्येक टीम मैं सिर्फ 5 खिलाडी मैदान मैं उपस्थित रहकर खेल सकते हैं जिनमे से एक कप्तान रहेगा । और बाकि के जो खिलाडी रहेगे स्थानपत्र की तरह रहेगा जिसे अदला बदली करके खेला जायेगा ।

खेल का समय – प्रत्येक खेल का समय दस या बारह मिनट के चार क्वाटर्स के रूप मे खेला जाता है पहले समय मैं 20-20 मिनट के दो क्वाटर्स होते थे और उसमे 10 मिनट का एक अंतराल होता था ।

उछाल गेंद – किसी अधिकारी द्वारा दो विपक्षीय खिलाडीयो के बिच गेंद उछाल की जाती हैं । उछाल गेंद के वक्त दो कूदने वाले अर्द्ध वृत्त के अंदर पाँव रख कर अपनी बास्केट के निकट खड़े होगे तथा उनका एक पैर बिच मैं पड़ी रेखा के केंद्र के पार होगा ।

गोल बनाना और उसका महत्व – गेंद बास्केट में उपर से जा कर रुक या निकल जाये तब गोल बनता हैं । और इसमें कुछ अंक निर्धारित होते है हर गोल के लिए ।

यदि गेंद निचे से चली जाती हैं तो उस गेंद को मृत ( कोई अंक नहीं ) समजा जायेगा और नजदीक की प्रक्षेपण रेखा द्वारा गेंद को उछाला जायेगा और खेल मैं डाली जाएगी ।

आक्रमण के समय गेंद में बांधा – जिस समय गेंद बास्केट के समतल से उपर निचे की और जाती है उस समय आक्रमण खिलाडी अपने सीमित क्षेत्र में न गेंद का स्पर्श कर सकता है न पकड़ सकता है, चाहे वो गोल बनाने की चेष्टा मे हो या साथी को देने की की इच्छा करता हो ।

समय निर्धारण अधिनियम – इसमें बहुत से नियम आते है समय से ले कर जिसमे से में महत्वपूर्ण नियम के बारे मैं बताउगा ।

  • खेल घड़ी निरिक्षण  – खेल घड़ी चलाने को लेकर नियम होता हैं ।
  • मृत बॉल – खेलते समय कुछ गलती हो जाये मृत बॉल मैं आता है इस समय घड़ी को रोक दिया जाता हैं ।
  • काल स्थगन – जब रेफरी खेल रोकता है तब होता है जिस समय घड़ी रोक दी जाती है ।
  • चोट की समय मैं काल स्थगन – इस समय भी घड़ी रोकी जाती है ।
  • कालारम्भ – काल स्थगन के पश्चात होता है रेफरी के संकेत देते ही घड़ी फिर से चालू हो जाती हैं ।

खिलाडियों के लिए कुछ नियम – 

बास्केटबॉल खेलने के तरीके

बास्केटबॉल खेलने के तरीके

  • स्थानापत्र –  खेल मैदान मे जाने से पहले फलाकनकर्ता के पास जा कर रिपोर्ट करेगा और उसे तुरंत खेलने के लिए प्रस्तुत रहना पड़ेगा ।
  • खिलाडी और रेफरी ( अम्पायर ) का स्थान – खिलाडी का स्थान का निर्धारण उस स्थल से होगा जहा से वो भूमि को स्पर्श करता है । और रेफरी का भी इसी निति से किया जायेगा ।
  • गेंद खेलने की रीती – बास्केटबॉल में गेंद हाथ से खेली जाती हैं ।
  • गेंद पर अधिकार – जब खिलाडी गेंद पकड़े हुए हो या उसे लुढका रहा हो तो उसका गेंद पर अधिकार होगा ।
  • खिलाडी सीमा के बाहर – जब खिलाडी सीमा के बाहर की भूमि का स्पर्श करे तो खिलाडी सीमा के बाहर हो जायेगा ।
  • विवर्तन – जब गेंद को पकड़ने वाला कोई खिलाडी एक या अधिक बार किसी दिशा में उस पाँव  पर आगे बढ़ता है तब दूसरा पाँव , जो भूमि पर जमा हुआ है , विवर्तन कहलाता है ।
  • गेंद अवरोधन – जब विपक्षी दल के दो या उससे अधिक खिलाडी गेंद को हाथ में दृढ़ता से पकड़ लेता है तो वह गेंद अवरोधन खलता है।
  • तिन सेकेंड नियम – जन गेंद किसी दल के अधिकार में हो तो उस दल का कोई खिलाडी विपक्षी दल के नियंत्रित क्षेत्र मे मुक्त क्षेपण रेखा के परेल किनारे तथा अंतः रेखाओ के बिच तिन सेकेंड से अधिक नही रहेगा ।
  • पाँच सेकेंड नियम – जब नजदीक का कोई खिलाडी गेंद को खेल से रोकता है । तथा पाँच सेकेंड मे गेंद को खेल मे डालने के कोई सामान्य प्रयत्न नही करता है यह गेंद अवरोधन कहलाता है

रेफरी और उनके कर्तव्य –

  • रेफरी तथा उनके सहायक – रेफरी वर्ग मे एक निर्णयता और एक निर्णायक रहेगा । इनके सहायक के रूप में एक समयपाल तथा 24 सेकंड परिचालक होगा ।
  • फलनकर्ता – स्कोर वगेरा देखने हेतु कितने गोल सफल हुए अथवा कितने असफल आदि के लिए ।
  • समयपाल – समय पल समय नोट करने हेतु क्योकि यह खेल समय पर आधारित होता है ।
  • 24 सेकंड परिचालक – जब किसी दल का बोल पर अधिकार होता हैं 24 सेकेंड का यंत्र चला देगा ।

 

यह कुछ महत्वपूर्ण नियम थे जो मेने आपके सामने अच्छे से बताने की कोशिश की है अगर कुछ गलती है बताने मैं या कुछ गलत बताया हो तो आप निचे कमेन्ट कर सकते है ताकि हम उसे सुधार सके धन्यवाद ।

 

About the author

Abhas Pandya

नमस्कार दोस्तों में आभास पंडया एक ब्लॉगर हु । आप सभी हिंदी भाषी साथियों के लिए Support in Hindi ब्लॉग को बनाया गया है ताकि आप सबको हिंदी में मदद की जाये । इस ब्लॉग के द्वारा आपको इंटरनेट से जुडी सभी जानकारी प्राप्त होगी । साथ ही सामान्य ज्ञान और पढाई से सम्बन्धित जानकारी मिलेगी ।

Leave a Comment